पटना वीमेंस कॉलेज (स्वायत्त) के शिक्षा विभाग द्वारा हिन्दी पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत 9 सितम्बर 2026 को ‘भारतेन्दु भाषा उत्सव’ विषय पर पीपीटी प्रस्तुति आयोजित की गई। इसमें बी.एड. प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026–28) की छात्राओं ने भारतेन्दु हरिश्चन्द्र तथा उनके समय के हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता के विकास पर प्रकाश डाला।

छात्राओं ने आधुनिक हिन्दी साहित्य के अग्रदूत माने जाने वाले भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के जीवन और साहित्यिक योगदान का परिचय दिया। कविता, नाटक, गद्य, पत्रकारिता तथा अनुवाद के क्षेत्र में उनके कार्यों के साथ राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जागरण में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। उनकी प्रमुख रचनाओं अंधेर नगरी, भारत-दुर्दशा, सत्य हरिश्चन्द्र तथा नीलदेवी का भी उल्लेख किया गया।
प्रस्तुतियों में भारतेन्दु युग के अन्य साहित्यकारों, हिन्दी पत्रकारिता के विस्तार, गद्य और नाटक के विकास तथा तत्कालीन समाज में साहित्य की भूमिका पर भी विचार किया गया। छात्राओं ने बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’, प्रतापनारायण मिश्र और राधाचरण गोस्वामी जैसे साहित्यकारों का परिचय प्रस्तुत किया। इस साहित्यिक परम्परा को आज के डिजिटल माध्यमों, सिनेमा, डिजिटल हिन्दी और सामाजिक जागरूकता से भी जोड़कर देखा गया।

कार्यक्रम में डॉ. प्रभास रंजन, सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग, ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उच्च शिक्षा में हिन्दी को अध्ययन तथा अध्यापन के माध्यम के रूप में उपयोग करने के महत्त्व पर बल दिया। कार्यक्रम ने छात्राओं को आधुनिक हिन्दी साहित्य के इतिहास को समझने और वर्तमान में हिन्दी के प्रयोग की सम्भावनाओं पर विचार करने का अवसर दिया।
